Archive for the ‘Uncategorized’ Category

शमशेर से साझा

30/08/2010

हर युवा कवि अपनी रचना और विचार-प्रक्रिया में ख़ुद को पूर्वज कवियों से साझा करता है। मेरे लिए पूर्वज कवियों का स्मरण एक आवेगपूर्ण घटना है – यूँ किसी भी समय में किसी का कवि हो जाना भी एक घटना ही है – कुछ ऐसी घटना, जिसे कबीर ने एक अवान्तर ईश-प्रसंग में `घट-घट में [...]

जिसकी दुनिया रोज़ बनती है !

29/12/2009

                                                          हर उस आदमी की एक नहीं कई प्रिय पुस्तकें होती हैं, जो किताबों की दुनिया में रहता है। मैं भी किसी हद तक इस दुनिया में रहता हूँ और ऐसी दस किताबें हैं, जिन्हें मैं  `मेरी प्रिय पुस्तक´ कह सकता हूँ। इन दस में पाँच कविता संकलन हैं और इन्हीं में शामिल है आलोक [...]

स्पष्ट राजनीतिक चेतना की कविताएँ

28/12/2009

(यह समीक्षा दैनिक जागरण के पुनर्नवा के लिए लिखी गई थी और जाहिर है इसकी कई सीमाएं भी हैं. अख़बार आपको कम लिखने को कहता है. मैं सोचता हूँ कभी पंकज की कविता पर एक लम्बा लेख लिखूंगा.) बहुत कम उम्र (सबसे कम?) में युवा-कविता का प्रतिष्ठित भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पंकज चतुर्वेदी ने [...]

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.